Saturday, July 20, 2019

​वेद भक्त निराश न हो


मेरी प्रिय वेद भक्त महानुभावो! यदि आपको कहीं कोई व्यक्ति वेदों के मिथ्या अर्थ करके वेद की निंदा व अपमान करता हुआ प्रतीत होता है, तो आप उसकी सूचना प्रसिद्ध आर्य विद्वानों अथवा अन्य जो भी वैदिक विद्वान् हों, उनको देने का कष्ट करें। मुझे प्रतीत होता है वे उचित समाधान कर देंगे।

मैं अति व्यस्तता के कारण और किसी विशेष अभियान में लगा होने के कारण ही ऐसा आग्रह कर रहा हूँ, किंतु जब कहीं से भी कोई समाधान प्राप्त न हो सके, तब आप मुझे ऐसी समस्याएँ भेज सकते हैं। कृपया सीधा मुझे नहीं भेजें। अन्त में जब मुझे आप समस्या भेजेंगे, तो मैं उसके समाधान का पूर्ण प्रयास करूँगा।

आशा है आप मेरी विवशता को अवश्य समझेंगे परन्तु मैं आपको आश्वस्त करता हूँ कि आपको इस विषय में निराश होने की कदापि आवश्यकता नहीं है। कोई भी बुद्धिमान् एवं निष्पक्ष व्यक्ति वेद की निंदा नहीं कर सकता।

-आचार्य अग्निव्रत नैष्ठिक

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