Monday, January 28, 2019

देशवासी अपने अंतरात्मा से विचारें


जब ‘पाकिस्तान जिन्दाबाद’ तथा विदेशी घुसपैठियों के समर्थक, पाकिस्तान के प्रशंसक और भारत की निन्दा करने वाले, अपनी सेना की निन्दा तथा आतंकवादियों के प्रशंसक, अपने महापुरुषों की निन्दा और विदेशी आक्रान्ताओं के प्रशंसक, सिखों व हिन्दुओं का संहार कराने वाले, 60-70 वर्षों से भारत को लूटने वाले, चुनावों में नानारूप रंग धारण करने वाले, गोहत्या के पक्षधर, भगवान् श्री राम के अस्तित्व को कोर्ट में नकारने वाले, धर्म, संस्कृति व संस्कृत के विरोधी, आर्यों (हिन्दुओं) को विदेशी बताने वाले, देश को जातीय आग में झोंकने वाले, अपनी मूर्खता से देश को लज्जित करने वाले, भारत की सम्पदा पर केवल मुस्लिमों का प्रथम अधिकार बताने वाले, वंश परम्परा के संवाहक, संसद में अश्लील व अशोभनीय हरकतें करने वाले, सदैव मिथ्या भाषण करने वाले, जिनकी जीत के लिए पाकिस्तान व इस्लामी आतंकवादी भी पूर्ण पुरुषार्थ करते हों, ये सभी एक मंच पर आकर किसी एक व्यक्ति को हराने का संकल्प करें, तब देश की जनता को समझना चाहिए कि उसका राष्ट्र के प्रति क्या दायित्व है? इस देश को भारत रहने देना है अथवा पाकिस्तान बनाना है?

जरा अपने अंतरात्मा से विचारें कि वर्तमान विश्व परिदृश्य में देश के नेताओं में से कौनसा नेता भारत के लिए सर्वाधिक योग्य है?

✍️ आचार्य अग्निव्रत नैष्ठिक

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